सोन्याच्या पाऊली | गौराई ती येते |
आनंदे भेटते | जीवलग ||१||
भोजनाचा थाट | हळदी कुंकू चा |
सण कौतुकाचा | लेकीसाठी ||२||
तिसऱ्या दिवशी | पाणी गं डोळ्यांत |
दही अन् भात | निरोपास ||३||
माहेरी समृद्धी | सुख आणि शांती |
मनाची श्रीमंती | आशिष दे ||४||
आई आमंत्रिते | पुढील वर्षीचे |
माहेर हक्काचे | परत ये ||५||
हिरव्या बांगड्या | शेवंतीची वेणी |
सौभाग्याची लेणी | शोभतसे ||६||
चालली गौराई | भरल्या ओटीने|
मोप समाधान | नेत्री दिसे ||७||
गौरींचा उत्सव | माहेरवाशीण |
संस्कारांचे ऋण | फिटेच ना ||८| स्वाती लेले, नवीन पनवेल






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